संस्‍कृतशब्‍दकोशः

संस्‍कृत-हिन्दी-आंग्ल शब्दकोश


पुण्ड्र

एक प्राचीन जाति जिसका उल्लेख वङ्गों व किरातों के साथ मिलता है । पुण्ड्र लोग कभी संताल परगना‚ वीरभूम एवं हजारीबाग में रहते थे

the pundras are linked with vangas and kiratas. they once occupied the region now known as santal paraganas, virbhum and hazaribagh

विवरणम् : पुण्ड्राः
शब्द-भेद : पुं.

पुण्ड्र

माथे पर तिलक

mark or line on forehead made with sandal, ashes or colouring substance

शब्द-भेद : पुं.नपुं.
वर्ग :
Monier–Williams

पुण्ड्र — {puṇḍra} m. N. of a son of the Daitya Bali (ancestor of the Puṇḍras) MBh##(pl.)of a people and their country (the modern Bengal and Behar) AitBr. MBh. &c##of a son of Vasu-deva VP##sugar-cane (or a red viriety of it) L##Gaertnera Racemosa L##Ficus Infectoria L##Clerodendrum Phlomoides L##a white lotus-flower L##a worm L##m. or n. a mark or line made on the forehead with ashes or colouring substances to distinguish Vaishṇavas fr. Śaivas &c., a sectarian mark KātyŚr. Sch. RTL. 66 ; 67 (cf. {ūrdhva-p}, {tri-p})##n. N. of a mythical city between the mountains Hima-vat and Hemakūṭa VāyuP

इन्हें भी देखें : ऊर्ध्वपुण्ड्र; ऊर्ध्वपुण्ड्रक; चतुष्पुण्ड्रा; त्रिपुण्ड्र; त्रिपुण्ड्रक; त्रिपुण्ड्रिन्; पुण्ड्रकक्ष; पुण्ड्रकेलि; पुण्ड्रः; भिण्डः, भिण्डा, भिण्डाक्षुपः, भिण्डकः, भिण्डीतकः, भेण्डी, भेण्डीतकः, अस्रपत्रकम्, चतुष्पुण्ड्रा, करपर्णः, क्षेत्रसम्भवः, चतुष्पदः, चतुःपुण्डः, सुशाकः, वृत्तबीजः; त्रिपुण्ड्रम्; वासन्ती, माधविका, माधवीलता, माधवी, चन्द्रवल्ली, पुण्ड्रकः, अतिमुक्तः, अतिमुक्तकः, सुगन्धा, भ्रमरोत्सवः, भृङ्गप्रिया, भद्रलता, वसन्तीदूती, लतामाधवी, भूमीमण्डपभूषणा।;