जीर्ण, जर्जर — यद् पुराणत्वात् अपक्षीणप्रायम्।; "वासांसि जीर्णानि यथा विहाय नवानि गृह्णाति नरोऽपराणि तथा शरीराणि विहाय जीर्णान्यन्यानि संयाति नवानि देही।" (adjective)
इन्हें भी देखें : भग्न, जीर्ण, जर्जर, शीर्ण;
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