संस्‍कृतशब्‍दकोशः

संस्‍कृत-हिन्दी-आंग्ल शब्दकोश


संस्कृत — हिन्दी

जप् — जिह्वोष्ठादीनाम् ईषद्व्यापारयुक्तः शब्दोच्चारणानुकूलः व्यापारः।; "वृद्धाः जपन्ति।" (verb)

जप् — मन्त्रस्य नीचैः स्वरेण उपांशु वा पठनानुकूलः व्यापारः।; "सः रामनाम जपति।" (verb)

Monier–Williams

जप् — {jap} cl. 1. {jápati} (rarely Ā. iii, 6, 4 iii, xiii##pf. {jajāpa} ; 3ḍu. {jepatur} i##inf. {japitum} xii, 7336##ind. p. {ptvā} xi i##{pitvā} xi ) to utter in a low voice, whisper, mutter (esp. prayers or incantations) ii, 38 &c##to pray to any one (acc.) in a low voice xiii, 750##to invoke or call upon in a low voice iv, 7, 29 i: Intens. {jañjapyate}, {pīti} (cf. Pāṇ. 7-4, 86##p. {pyámāna}) to whisper repeatedly (implying blame, iii, 1, 24) xi, 5, 5, 10

इन्हें भी देखें : अनुजप्; अनुयाजप्रसव; अनुयाजप्रैष; अभिजप्; आजप्; उपजप्; उपजप्त; उपजप्य; त्रिभुजप्रदेशः; नीलत्रिभुजप्रदेशः; ध्वजारोपणम्; आयसम्;

These Also : caterer; political; regent;