क्रोधज — {ja} mfn. proceeding from or engendered by wrath (as the eight vices, hatred, envy, oppression, violence, &c.) Mn. vii, 45-51
इन्हें भी देखें : सन्तर्ज्, सन्तप्, कुप्, परिगर्ज्, परिभर्त्स्, समभितर्ज्, उपालभ्, उपक्रुश्, आतर्ज्, अभिनिर्भर्त्स्, अधिक्षिप्, अवभर्त्स्;
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