संस्कृत — हिन्दी
अपकृष् — प्रतिरोधं विरुध्य भूमिलग्नः सतः एव कस्य अपि वस्तुनः कर्षणानुकूलः व्यापारः।; "सः अनुजं विद्यालयं प्रति अपाकर्षत्।" (verb)
Monier–Williams
अपकृष् — {apa-√kṛṣ} cl. 1, P. {-karṣati}, to draw off or aside, drag down, carry away, take away, remove##to omit, diminish##to put away##to anticipate a word &c. which occurs later (in a sentence)##to bend (a bow)##to detract, debase, dishonour: Caus. {-karṣayati}, to remove, diminish, detract
इन्हें भी देखें :
अपकृष्ट;
अपकृष्टचेतन;
अपकृष्टजाति;
अपकृष्टता;
अपकृष्टत्व;
क्षुद्रता, नीचता, हीनता, ऊनता, न्यूनता, अधरता, अवरत्वम्, अपकर्षः, अप्राधान्यम्, गौणता, आनतिः, अपकृष्टता, न्यूनभावः, जघन्यभावः, अपकृष्टत्वम्, अनुत्कर्षः, अप्रधानत्वम्, न्यूनत्वम्;
विगुणता, अपकृष्टता, अधमता;
ह्रासय, अपकृष्, दूषय, विकृ, प्रदूषय, सम्प्रदूषय;
कात्कृ, विमन्, अपकृष्;
कुरूप, अपरुप, विरुप, रुपहीन, कदाकार, कुत्सिताकार, कुत्सित, कुत्सिताकृति, असुन्दर, असौम्य, दुर्दर्शन, विकृताकार;
अपनी, विनी, व्यपनी, अपसृ, उतसृ, निःसृ, सृ, अपहृ, हृ, अपकृष्, व्यपकृष, अवकृष्, अपनुद्, व्यपनुद्, अपोह्;
अधम, प्रतिकृष्ट, अवमः, निकृष्ट, अर्वा, रेफः, याप्यः, कुत्सितः, अवद्यः, कुपूयः, खेटः, गर्ह्यः, अणकः, रेपः, अरमः, आणकः, अनकः;