संस्‍कृत शब्‍दकोश

संस्‍कृत हिन्‍दी अंग्रेजी शब्‍दकोश | SANSKRIT HINDI ENGLISH DICTIONARY

आज का शब्‍द | Word of the Day

शब्‍द : समन्वयः
हिन्‍दी : ताल-मेल, समन्वय, सामंजस्य
अंग्रेजी : harmony, coordination, communion, cope with

खोज कुंजी : taal mel, samanvay, saamanjasya, sahmati
विलोम : Disharmony, असामंजस्यता, तालमेल की कमी
पर्याय : आपसी सहमति
शब्‍दप्रकार : संज्ञा
शब्‍दवर्ग : पुलिंग
उदाहरण : किसी संस्था के उद्देश्य की पूर्ति के लिए कर्मचारियों में समन्वय होना अनिवार्य है।
विवरण : विचारो और कार्य में समानता, वह स्थिति जिसमे परस्पर विषमता न हो। विच्छेद- सम+अनु+अय

अष्‍टाध्‍यायी सूत्रपाठ | Sutr of the Day

सूत्र 6 : ह य व र ट् ।। ५ ।।
अर्थ : ह, य, व, र इन चारों वर्णों का तथा पूर्व वर्णों का भी उपदेश करके अन्त में टकार अनुबन्ध किया गया है, अट् प्रत्याहार के लिये ।
अट् - शश्छोSटि (८/४/६३) आदि
उदाहरण :


नये जोडे गये शब्‍द

समीक्षणम्
उपसंख्यानम्
समन्वयः
अनुपलब्ध
लक्ष्मीः
आत्मनो मोक्षार्थम् जगत्-हिताय च
अभिनवः
चक्रिण्ढौकसे
टुकटुकायते
भविष्यः
रश्मिः
रमेशः
अंकितः
सर्वेशः
क्षुद्रः, हीनः
लिंगम्
आयुधम्
आयुष्यमानम्
सन्ति
वसति
श्वानभयम्
अनुभवशीलः
तथाकथितः
फेरुः
फुकः
ऐन्द्रजालिकः
अमृतम्

शीलम्
अदर्शनम्
समीरः
मुदितः
सादृश्यम्
पराजयः
विस्मरणम्
उभयपदी
परस्मैपदम्
आत्मनेपदम्
वर्तकः
एकीकरणम्
अनुमानं
अतुलः
एषः
अनुमानम्
एवम्, एवञ्च
वसन्तः
हेमन्तः, हेमन्तम्
शिशिर
शरद्
अनी
अध्यादेशः
वर्षा, दुर्दिनम्
ग्रीष्मः
अनुकरणम्
ग्रहणम्
आणिः
अस्वीकरणम्
सुबोधः
कुण्डम्, जलाशयः, तडागः
विक्रेता
द्विचक्रिका
आपणं, विपणी
सर्प:
मार्ग:
मोटरयानम्
वानर:, मर्कट:, कपि:
गच्‍छति
नूपुर:
देव:
कलश:
उत्कृष्टता
तेषु
तस्मिन्
तेषाम्
तयोः
तस्य
पाणिनि:
निरुत्साहितं, अनुत्साहितं
तेभ्यः
तस्मै
तैः
श्यानता
ताभ्याम्
घनता
तेन
तान्
तम्
ते
तौ
सः
घृतं
वर्णशंकरः
शस्त्रम्
प्रतिकारम्
तिरोभावः
न्यासीय, विश्वासाश्रित
अरक्तताजन्यम्
बाध्यम्
वनस्पतिः
जन्तुः

सुभाषित | Sukti of the Day

सूक्ति : यां चिन्‍तयामि सततं मयि सा विरक्‍ता ।
साप्‍यन्‍यमिच्‍छति जनं, स जनोन्‍यसक्‍त: ।
अस्‍मत्‍कृते च परिशुष्‍यति काचिदन्‍या ।
धिक् तां च तं च मदनं च इमां च मां च ।। 2 ।।
अर्थ : जिसके विषय में मेरा हृदय निरन्‍तर चिन्‍तन करता रहता है वह मुझसे विरक्‍त है, वह किसी अन्‍य व्‍यक्ति को चाहती है और वह व्‍यक्ति भी किसी अन्‍य को चाहता है । मेरे लिये कोई और ही सूख रहा है । उस (जिसे मैं चाहता हूँ) को धिक्‍कार है, उस (जिसे वह चाहती है (को धिक्‍कार है), कामदेव को धिक्‍कार है, इसे (जो मुझे चाहती है) धिक्‍कार है और मुझे भी धिक्‍कार है ।
ग्रन्‍थ : नीतिशतकम्
रचित : भर्तृहरि

लोकोक्तियाँ / मुहावरे

लो./मु. : अर्धो घटो घोषमुपैति नूनम् ।
थोथा चना बाजे घना ।
An empty vessel makes much noise
अर्थ : कम जानकारी पर भी अधिक ज्ञान बघारना ।
प्रयोग :